“प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 2025” भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्व सदैव प्रमुख रहा है, क्योंकि देश की एक बड़ी जनसंख्या अपनी रोज़ी-रोटी के लिए खेती पर निर्भर करती है। मगर समय के साथ बढ़ते खर्च, बदलते मौसम, भंडारण की सीमाएं और उचित मूल्य न मिलने जैसी चुनौतियों ने किसानों की आय पर नकारात्मक असर डाला है। इन्हीं समस्याओं के समाधान और कृषि को आत्मनिर्भर व लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” की शुरुआत की है।
“प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 2025“ क्या है?
यह योजना 2025 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक कृषि विकास और किसान सशक्तिकरण पहल है। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करना, भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराना, बेहतर बाजार व्यवस्था तैयार करना और फसल उत्पादकता बढ़ाना है।
भारत सरकार ने इस योजना के लिए ₹24,000 करोड़ का बजट मंजूर किया है, जो देशभर के लगभग 1.7 करोड़ किसानों को सीधे लाभ पहुंचाएगा। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में 100 जिलों को चुना गया है।
जानें इस योजना के प्रमुख उद्देश्य?
फसल उत्पादन में वृद्धि – आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ाना।
भंडारण क्षमता में सुधार – किसानों के लिए गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और साइलो जैसी सुविधाओं का निर्माण।
फसल हानि में कमी – सही भंडारण और प्रोसेसिंग से फसल का नुकसान कम करना।
बाजार तक आसान पहुंच – किसानों को सीधी मंडियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ना।
किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य – लागत घटाकर और मूल्य बढ़ाकर किसानों की आमदनी में इजाफा करना।
“प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 2025” के फायदे–
- आधुनिक भंडारण सुविधाएं
अक्सर किसानों को अपनी उपज को समय पर बेचने की मजबूरी होती है, जिससे उन्हें सही दाम नहीं मिल पाता। इस योजना के तहत आधुनिक गोदाम और कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे, जिससे किसान अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे और सही समय पर बेच पाएंगे। - फसल का सही मूल्य
सरकार, पारंपरिक मंडियों के साथ-साथ किसानों को ई-नाम (e-NAM) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि वे सीधे खरीदारों तक पहुंचकर बिचौलियों से बचें और अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। - कृषि में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
योजना में किसानों को ड्रिप इरिगेशन, सैटेलाइट मैपिंग, मृदा परीक्षण और उन्नत कृषि मशीनरी के उपयोग के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाएगी। - किसानों की लागत में कमी
सरकार बीज, खाद, कीटनाशक और उपकरणों पर सब्सिडी प्रदान करेगी, जिससे किसानों का खर्च घटेगा और मुनाफा बढ़ेगा। - प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना
इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में छोटे कृषि प्रोसेसिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसान अपनी फसलों का मूल्य संवर्धन (Value Addition) कर सकें। - रोजगार के नए अवसर
भंडारण, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में सुधार से कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे गांवों में ही रोजगार पैदा होंगे। - जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा
योजना में जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए ऐसी फसल पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा जो कम पानी और संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन दे सकें।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
छोटे, सीमांत और बड़े सभी किसान
कृषि सहकारी समितियां
किसान उत्पादक संगठन (FPOs)
पंजीकृत कृषि उद्यमी
आवेदन प्रक्रिया (संक्षेप में)
किसान को अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट या CSC केंद्र पर जाकर पंजीकरण करना होगा।
आधार कार्ड, भूमि स्वामित्व दस्तावेज और बैंक खाता विवरण जमा करना होगा।
योजना के तहत मिलने वाले लाभ सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेजे जाएंगे।
निष्कर्ष “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 2025″
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। यह न केवल उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, भंडारण और विपणन के नए आयाम भी खोलेगी। अगर यह योजना सही तरीके से लागू हुई, तो किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और भारत कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा।